लक्ष्य निर्धारण में बने स्मार्ट

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अगर आप अपनी मंजिल नहीं जानते तो वहाँ तक कैसे जा सकेंगे | जीवन में अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को जानें और उनके लिए दिन-रात मेहनत करें | ये लक्ष्य ही आपको आपके सपनों तक ले जाएंगे | जीवन की चुनौतियों आपको पथ से भटका सकती है पर लक्ष्य हमें सही मार्ग पर बने रहने का मार्गदर्शन करते है | सपनों को साकार करने के लिए लक्ष्य कितना महत्वपूर्ण है | इसलिए हम आपके लिए लाये है लक्ष्य निर्धारण मे स्मार्ट (Smart) बनने के तरीके |

 1. विशिष्ट ( S-Specific): आपका लक्ष्य में कुछ विशेस्ता होनी चाहिए | जिससे आपको हमेसा आपके लक्ष्य पर फोकस करने मे ध्यान आक्रशित करता रहेगा | आपको यह ग्यात होना चाहिए कि आप किसी लक्ष्य से क्या चाहते है ? अगर आप अपने कार्य क्षेत्र जैसे शिक्षा, व्यापार , खेल , मनोरंजन इत्यादि मे मंजिल प्रपट करना चाहते है तो उस क्षेत्र मे विस्तार से जानकारी रखनी होगी | विशिष्टा ही आपको हर दिन-रात कार्य करने के लिए उसकता रहेगा | आपके दिमाग मे भी हमेशा उस लक्ष्य की आद बनी रहेगी |

2. मापने योग्य (M-Measurable) : आपके द्वारा तय कि गई लक्ष्यों के प्रति आपकी प्रगति येसी होना चाहिए जिसे आप मापा जा सके | अगर हम लक्ष्य को मॅप नहीं सकते तो हम उसे प्राप्त भी नहीं कर पाएंगे | प्रगति की माप आपके लिए प्रेरणा देने का काम करती है | अगर आपको लगता है कि आप भरपूर प्रगति नहीं कर प रहे हैं उस समय आप उसके अनुसार अपनी रणनीति मे बादल भी सकते हैं | हमे अपने लक्ष्य मापने योग्य बनाने होंगे |

3. पाने योग्य (A-Attainable) : आपका लक्ष्य एसे हों जो आपके पहुँच पर हों | आपको चुनौतीपूर्णलक्ष्य बनाने चाहिए , जिन्हे पाया जा सके | भले ही लक्ष्य चुनौतीपूर्ण हों , पर वे एसे न हों जिसे प्राप्त नहीं किया जा सके | उसे आँख से ओझल नहीं होने दें वरना आपके हाथ से निकाल सकता है | लक्ष्य  ऐसे होने चाहिए कि आप अपनी संभवना को पूरा कर सकें | कई बार लोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए लक्ष्य  बना लेते है परंतु बिना सोचे-समझे लक्ष्य  बनते है और बाद मेन असफल होने पर लक्ष्यों की विशालता को दोषी देने लगते है | आपको लक्ष्य  कठिन भले ही हों पर असंभाव नहीं होने चाहिए | इसलिए लक्ष्य  पाने योग्य होने चाहिए ताकि पूरा किया जा सके |

4. यथार्थ (R-Realistic) : आपका लक्ष्य आपसे जुड़े होने चाहिए | जेसे आपको कल्पना और लक्ष्य मे अंतर करना आता हों |

5. समय-सीमा (T-Time bound) : आपके पास अपने लक्ष्यों के लिए समय सीमा रेखा होनी चाहिए | आपके पास उन्हें आरंभ और अंत करने का समय होना चाहिए | आप लक्ष्य आरंभ करने के साथ अपने समय का निवेश कर रहें | आपके पास लक्ष्य को पूरा करने कि सीमा रेखा हों टंकी आप अनावश्यक विलंब से बचें और अपने निवेश के लिए बेहतर वापसी पा सकें |

  6. क्रियान्वयन (E-Execution) : यह हमारे मॉडल का सबसे अहम हिस्सा हैं| आपने सारे विकल्पो पर विचार करते हुये, अपने लक्ष्य तक जाने के लिए मार्ग चुन लिया है | जब तक आप इसे लागू नहीं करेंगे , लक्ष्य आपके हाथ नहीं आ सकता | लक्ष्य को साकार रूप मेन पाना चाहते हों तो आपनि योग्यताओं आ क्षमताओं पर पूरा भरोसा बनाए रखें |

7. पृस्कृत (R-Rewarding) : जब आप लक्ष्यों कि उपलब्धि से जुड़े पुरस्कारों को समझ लेंगे तो वे आपके लिए प्रेरणा का साधन बनेंगे | स्वयंग से पूंछें कि कोई लक्ष्य पूरा होने से आपको क्या लाभ होगा | यह उत्तर मृत या अमृत हो सकता है| उत्तर जो भी हो, आपको अपने कड़े परिश्रम और लगन का पुरुस्कार अवश्य मिलेगा |